उत्तराखण्डएक्सीडेंटजन-मुद्देदेहरादून

यहां गुलदार आतंक का पर्याय बना हुआ था गुलदार, इस तरह मिली निजात

खबर शेयर करें 👉

देहरादून। टिहरी जिले में लंबे समय से आतंक का पर्याय बने आदमखोर के आतंक से निजात मिल गई है। शुक्रवार को वन विभाग ने कड़ी मशक्कत के बाद इस गुलदार का अंत किया। गुलदार को मारने के लिए चार गोली चलाई गई। चौथी गोली गुलदार को लगी, जिसमें वो ढेर हो गया। वन विभाग का कहना है कि गुलदार को आत्मरक्षा में मारा गया है।

बता दें कि उक्त गुलदार ने दो दिनों के भीतर करीब 9 लोगों पर हमला किया, जिमसें से चार वनकर्मी शामिल हैं। कल गुरुवार 22 फरवरी को गुलदार ने इलाके में पांच महिलाओं पर हमला किया था। पांचों महिलाओं का श्रीकोट के बेस हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। गुलदार के इन हमलों के बाद से ही पूरे इलाके में लोग दहशत में थे। इन हमलों के बाद से वन विभाग की टीम गुलदार को पकड़ने में लगी हुई थी। शुक्रवार की सुबह गुलदार देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी के आवास के चंद कदमों की दूरी पर होटल में कमरे में घुस गया था।

होटल मालिक ने समझदारी दिखाते हुए कमरे का दरवाजा बंद किया और विधायक व वन विभाग को तत्काल गुलदार की सूचना दी, लेकिन वन विभाग की टीम के मौके पर पहुंचने से पहले से ही गुलदार कमरे की खिड़की से खेत में भाग गया, जहां गुलदार ने एसडीओ अनिल पैन्यूली, वनकर्मी महावीर, गुड्डू और तेज सिंह पर हमला कर दिया। गुलदार के हमले से घायल हुए चारों लोगों को बेस हॉस्पिटल श्रीकोट में भर्ती करवाया गया। इधर इस घटना के बाद गुलदार को मारने के लिए वन विभाग के शूटरों को भी बुलवा लिया गया।

करीब आठ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद शूटरों ने गुलदार को ढेर किया। वन विभाग टिहरी डीएफओ अमित कंवर ने बताया कि वनकर्मियों की गोली से गुलदार मारा गया है। इसको मारने के लिए चार गोली चलाई गई। चौथी गोली गुलदार को लगी, जिसमें वो ढेर हो गया। इधर गुलदार को ढेर करने वाली टीम को देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी ने 15000 हजार रुपए का नकद इनाम देने की घोषणा की है. गुलदार के आतंक से लोग काफी डरे हुए थे।

Daleep Singh Gariya

संपादक - देवभूमि 24