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सफलता- 18 राज्यों की पुलिस को थी इस घोटालेबाज की तलाश, यहां से उठा लाई एसटीएफ 

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देहरादून। दुबई स्थित फर्जी शेल कंपनियों के जरिए न्यूनतम 18 करोड़ के घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। उत्तराखंड समेत कई राज्यों में घोटाला करने वाले गिरोह में श‌ामिल अभियुक्त को स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने गिरफ्तार कर लिया है। उसकी 18 अलग-अलग राज्यों की पुलिस को तलाश थी। इसके साथ ही एक बार फिर पी2पी क्रिप्टो ट्रेडिंग घोटाला पुलिस जांच के दायरे में आ गया है।

एसटीएफ उत्तराखण्ड / साईबर क्राईम पुलिस स्टेशन देहरादून द्वारा यूट्यूब वीडियो को लाईक व सबस्क्राइब कर जल्दी पैसे कमाने का लालच देकर ठगी करने वाले गिरोह के सदस्य को गिरफ्तार किया। साइबर क्राईम पुलिस स्टेशन को प्राप्त हुआ। जिसमें अज्ञात व्यक्तियों द्वारा शिकायतकर्ता सन्नी जैन से वट्सएप के माध्यम से सम्पर्क कर स्वंय को कैरियर बिल्डर कम्पनी के एच0आर0 होना बताकर प्रतिदिन 3-8 हजार रुपये कमाने का प्रलोभन देकर जॉब ऑफर कर 02 लिंक भेजकर टेलीग्राम एप डाउनलोड करवाकर व अपने टेलीग्राम ग्रुप में जोड़कर वादी का मोबाईल हैक कर दिया। 25 जून 2023 को वादी के फोन पर 30 हजार रुपये कटने का टैक्सट मैसेज आना व पता करने पर वादी के खाते से अज्ञात व्यक्ति द्वारा 25 जून 2023 को भिन्न-2 ट्रांजेक्शन के माध्यम से कुल 14,18,127 रुपए की धोखाधडी कर लेने सम्बन्धी शिकायत के आधार पर साइबर क्राईम पुलिस स्टेशन उत्तराखण्ड, देहरादून पर मु0अ0स0 14/2023 धारा 420 भादवि व 66डी आईटी एक्ट बनाम अज्ञात का अभियोग पंजीकृत किया गया।

साथ ही विवेचना साइबर थाने के निरीक्षक देवेन्द्र नबियाल के सुपुर्द की गयी। विस्तृत तकनीकी जांच के बाद संदिग्ध अभियुक्त का लुधियाना पंजाब से सम्बन्ध होना पाया गया। जिसमें टीम को सम्बन्धित स्थानों को रवाना किया गया। पुलिस टीम द्वारा अथक मेहनत एवं प्रयास से साक्ष्य एकत्रित करते हुये अभियोग में अभियुक्त हरमीत सिंह बेदी पुत्र बलजीत सिंह बेदी निवासी म.नं. 1855, सैक्टर 32ए, चण्डीगढ़ रोड थाना डिविजन नं0 07, लुधियाना, पंजाब को गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त से घटना में प्रयुक्त 03 मोबाईल फोन मय सिम कार्ड, 01 अदद मैक बुक एयर, 1 यस बैंक का चैक व एक मोहर बरामद किये गये। अभियुक्त उक्त कार्य हेतु फर्जी सिम, आईडी कार्ड तथा फर्जी खातों का प्रयोग कर अपराध कारित करते थे। जबकि टेलीग्राम चैनल का संचालन दुबई से किया जा रहा है। आरोपी ने कबूला कि वह लोगों से दोस्ती करता था और फर्जी अकाउंट खोलता था। पी2पी क्रिप्टो ट्रेडिंग में विवादित पैसा भी लगाया। मामले के प्रारंभिक विश्लेषण में न्यूनतम 18 करोड़ का घोटाला सामने आया है। पुलिस टीम में (थाना साईबर क्राईम देहरादून) निरीक्षक देवेन्द्र नबियाल,उपनिरीक्षक आशीष गुसांई, कांस्टेबल सोहन बडोनी, नितिन रमोला, हेड कांस्टेबल प्रमोद कुमार (एसटीएफ) कांस्टेबल अनिल कुमार (एसटीएफ) शामिल थे।

Daleep Singh Gariya

संपादक - देवभूमि 24

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