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पीएम विश्वकर्मा योजना- बदलती तकनीकि के स्वरूप के तहत कारीगरों को दिया जाए कुशल प्रशिक्षण

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नैनीताल। जिलाधिकारी वंदना की अध्यक्षता में सोमवार को जिला कार्यालय नैनीताल में भारत सरकार की  महत्वाकांक्षी योजना पीएम विश्वकर्मा योजना (एम.एस.एम.ई.)  की जिला स्तरीय कियान्वयन सीमित की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। 

बैठक में डीएम ने सम्बन्धित अधिकारिंयो को  आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए  कहा की पीएम विश्वकर्मा योजना  (एम.एस.एम.ई) भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है इस योजना का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक शिल्प में जुटे शिल्पकार और कारीगरों को आर्थिकी सहायता प्रदान करना है। ताकि वह अपने प्रोडक्ट्स और सर्विस को नये बाजार की आवश्यकतानुसार सही ढंग  से बाजार में पहुंचा सकें। साथ ही देश के विकास में अपना योगदान देने के साथ ही अपनी आर्थिकी में सुधार ला सकें। उन्होंने समस्त वीडियो एवं नगर पालिका ईओ  को अपने-अपने एरिया में कैम्प लगवाकर ऐसे लोंगो को चिन्हित करने जो एक स्केल से जुड़े हैं ताकि उन्हें वर्तमान मार्केट की मांग के एवं बदलते तकनीकी के स्वरूप के तहत उच्च स्तरीय कुशल प्रशिक्षण दिया जा सके। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को संपूर्ण तैयारियों के साथ कार्य शुरू करने के निर्देश दिए, ताकि जनपद में पीएम विश्वकर्मा योजना (एम.एस.एम.ई ओपन होते कार्य प्रारंभ किया जा सके। उन्होंने संबंधित वीडियो को ब्लॉक स्तर पर मॉडल क्लस्टर विकसित करने के भी निर्देश दिए।

बैठक में जीएम उद्योग सुनील पंत ने विस्तृत रूप से जानकारी देते हुए बताया कि भारत के ग्रामीण शहरी क्षेत्र के कारीगरों और शिल्पकारों को पीएम विश्वकर्म योजना के माध्यम से सहायता प्रदान की जाएगी। इस योजना के अंतर्गत 18 पारंपरिक व्यवसाय ताला बनाने वाले,हथौड़ा और टूलकिट निर्माता,सुनार,कुम्हार, मूर्तिकार, मोची,राज मिस्त्री,डलिया बनाने वाले,चटाई बनाने वाले झाडू बनाने वाले,पारंपरिक गुड़िया और खिलौने बनाने वाले,नाई,मालाकार, धोबी,दर्जी, मछली का जाल बनाने वाले, कारपेंटर,नाव बनाने वाले,अस्त्र बनाने वाले लोहार जैसे आदि कार्यों को शामिल किया गया है। साथ ही पीएम विश्वकर्म योजना के अंतर्गत कारीगरों और शिल्पकारों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार द्वारा 3 लाख रुपए तक का लोन दिया जाएगा। यह लोन लाभार्थी को दो किस्तों में दिया जाएगा। योजना के पहले चरण में कामगारों को 5% ब्याज दर से 1 लाख रुपए का लोन मिलेगा वहीं दूसरे चरण में 2 लाख रुपए का लोन कोलेटरल फ्री क्रेडिट सपोर्ट, डिजिटल ट्रांजेक्शन के लिए इंसेंटिव और मार्केटिंग सपोर्ट के माध्यम से मान्यता दी जाएगी।

वित्त वर्ष 2023-24 से 2027-28 तक प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना पर 13,000 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। जिससे देश भर में लगभग 30 लाख पारंपरिक कारीगरों को लाभ मिलेगा। उन्होने बताया कि पीएम विश्वकर्मा योजना के आवेदन सीएससी सेंटर से रजिस्ट्रेशन किया जाए जा सकेगा जिसके लिए  आवश्यक दस्तावेज में के रूप में आधार कार्ड, राशन कार्ड,निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र,बैंक खाता विवरण,पासपोर्ट साइज फोटो,मोबाइल नंबर के साथ ईमेल आईडी का होना जरुरी होगा। बैठक में  डीडीओ गोपाल गिरी,खादी ग्राम अधिकारी केएस कम्पोज,तकनीकी शिक्षा दिवाकर बिजेता,  डीएस भण्डारी, सहायक श्रम आयुक्त हल्द्वानी कमल जोशी,आईटीआई कालाढुंगी ललित मोहन आर्या, हल्द्वानी मोहन सिंह मेहरा, जिला सेवायोजन अधिकारी नवीन शर्मा,नगरपालिका रामनगर संजय सिंह मनराल, नगरपालिका भवाली संजय कुमार, बीडीओ ओखलकाण्डा तनवीर अंसारी, पंचायती राज सुरेश प्रकाश, ई-डिस्ट्रिक मैनेजर विशाल शर्मा के सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित थे

Daleep Singh Gariya

संपादक - देवभूमि 24

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