उत्तराखण्डदेहरादून

भू-धंसाव का जायजा लेगी कांग्रेस की हाईपावर कमेटी

खबर शेयर करें 👉

देहरादून। जोशीमठ भू-धंसाव मामले में उत्तराखंड कांग्रेस ने हाई पावर कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी पभावित क्षेत्र में जाकर नुकसान का जायजा लेगी और मुआयना करेगी। साथ ही क्षेत्र में हो रहे अनियोजित विकास कार्य रूकवाने के लिए प्रदेश सरकार पर दबाव बनाने का काम भी करेगी।

जोशीमठ भू-धंसाव मामले में गठित हाई पावर कमेटी में उत्तराखंड कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष करन माहरा, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, पूर्व अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह, पूर्व अध्यक्ष गणेश गोदियाल, उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापडी, स्थानीय विधायक राजेन्द्र भण्डारी, द्वाराहाट विधायक मदन बिष्ट, हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश, पूर्व राष्ट्रीय सचिव प्रकाश जोशी, अनुकृति गुसाईं शामिल रहेंगे।

कमेटी के सदस्य पूरी तत्परता के साथ जोशीमठ क्षेत्र में सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों पर पैनी नजर रखने का काम करेगें। समय-समय पर कमेटी के सदस्य जोशीमठ पहुंचकर नुकसान का जायजा लेंगे, क्षेत्र का मुआयना करेगें। उत्तराखंड कांग्रेस जोशीमठ के महत्व को समझती और महसूस करती है। जोशीमठ उत्तराखंड में भारत-चीन सीमा पर बसा अंतिम नगर है। इस नगर का ऐतिहासिक महत्व है। कत्यूरी राजवंश की राजधानी होने से इसका उत्तराखण्ड के इतिहास में खास महत्व है।

शंकराचार्य के यहां आने तथा ज्ञान पाने व प्रथम मठ स्थापना के बाद इस नगर का धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व पिछले 13 सौ सालों में लगातार बढ़ा ही है। पिछले 30 चालीस सालों में इस नगर का पर्यटन महत्व भारत की सबसे लंबे रोपवे बनने से व औली के स्कीइंग केन्द्र बनने से बढ़ता गया है। सेना, आईटीबीपी गढ़वाल स्काउट के यहां मुख्यालय होने से इस नगर का राजनीतिक एवं सामरिक महत्व है। उत्तराखंड कांग्रेस द्वारा गठित हाई पावर कमेटी इस बात पर गौर करेगी कि सरकार वहां की स्थानीय जनता की जानमाल की रक्षा के लिए वहाँ पर राहत के क्या कार्य कर रही है। कमेटी इस बात पर भी गौर करेगी कि पूर्व में आई हुयी आपदाओं में फिर चाहे मुनस्यारी की हो या सौंग की अभी तक कितनों को सरकार द्वारा पुर्नवासित कर दिया गया।

कमेटी वहां भू-वैज्ञानिकों पर्यावरण विर्दो द्वारा किये जा रहे सर्वे तथा संस्तुतियों पर भी पैनी नजर रखेगी। हाईपावर कमेटी राज्य सरकार पर दबाव बनाएगी के हैलग मारवाडी बाईपास पर हो रहे निर्माण कार्य एवं एनटीपीसी तथा किसी और कम्पनी के द्वारा हो रहे निर्माण कार्य रुकवाये जाए। कमेटी इस बात का भी ख्याल रखेगी कि एनटीपीसी द्वारा पूर्व में जोशीमठ के समस्त घर, मकान के बीमें करवाये जाने का जो समझौता हुआ था उसका पालन हो रहा है या नही। भूस्खलन के कारण बेघर हो रहे लोगो के विस्थापन एवं पुनर्वास की व्यवस्था गतिशील है या नही। कमेटी 9 जनवरी प्रातःकाल जोशीमठ में प्रेस वार्ता को भी सम्बोधित करेगी।

Daleep Singh Gariya

संपादक - देवभूमि 24

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *