एसटीएफ ने पकड़े दो वन्यजीव तस्कर, भालू पित्त और कारतूस बरामद
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उत्तराखंड पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने कालसी क्षेत्र में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दो वन्यजीव तस्करों को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से 2 भालू पित्त और 3 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। गिरफ्तार तस्करों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।
उत्तराखंड एसटीएफ के अनुसार, वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (WCCB) दिल्ली से सूचना मिली थी कि देहरादून के चकराता और कालसी क्षेत्रों में वन्यजीवों के अंगों की अवैध तस्करी हो रही है। इस जानकारी के आधार पर एसटीएफ ने अपनी जांच तेज की और कालसी-चकराता मार्ग पर जोहड़ी के पास से दो तस्करों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चकराता निवासी कलम सिंह चौहान और कालसी निवासी संतु के रूप में हुई। उनके पास से 2 भालू पित्त (19 ग्राम और 8 ग्राम) और 3 जिंदा कारतूस (12 बोर) बरामद किए गए।
यह घटना इसलिए गंभीर है क्योंकि भालू पित्त को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की पहली अनुसूची में रखा गया है, और इसका शिकार करना एक गंभीर अपराध है। इस प्रकार की तस्करी न केवल वन्यजीवों के लिए खतरे की बात है, बल्कि पूरे पारिस्थितिकी तंत्र को भी नुकसान पहुंचाती है।
एसएसपी एसटीएफ नवनीत भुल्लर ने इस कार्रवाई पर बयान देते हुए कहा, “डब्ल्यूसीसीबी दिल्ली से प्राप्त जानकारी के आधार पर हमनें कालसी क्षेत्र में तस्करों को गिरफ्तार किया। उनके पास से भालू पित्त और कारतूस बरामद किए गए हैं। पूछताछ के दौरान प्राप्त जानकारी के आधार पर इस मामले की गहन छानबीन की जा रही है। अगर अन्य किसी व्यक्ति की संलिप्तता सामने आई, तो उसके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, वन विभाग से भी इस मामले में जानकारी जुटाई जा रही है।
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