उत्तराखंड में बारिश ने तोड़ी व्यवस्था, 166 सड़कें बंद, मंत्री ने की कार्यों की समीक्षा

उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण प्रदेशभर में कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे आवागमन में कठिनाई आ रही है। राज्य के ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने आज अपने कैंप कार्यालय में यूआरआरडीए के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की, जिसमें प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत बरसात से प्रभावित सड़कों की बहाली की समीक्षा की गई।
बैठक में मंत्री गणेश जोशी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बारिश के कारण बंद सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र खोला जाए। उन्होंने बताया कि यह कार्य युद्धस्तर पर किया जाए ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को आवागमन में कोई कठिनाई न हो। इसके साथ ही, मंत्री ने दूरभाष के माध्यम से मुख्य सचिव से भी वार्ता की और क्षतिग्रस्त तथा बह चुके पुलों के शीघ्र पुनर्निर्माण की कार्यवाही तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन पुलों के पुनर्निर्माण में गति लानी होगी, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि प्रदेशभर में भारी बारिश के कारण वर्तमान में 166 सड़कें बंद हैं, जिनमें से 142 गढ़वाल मंडल और 24 कुमाऊं मंडल की हैं। इसके अलावा, प्रदेश में अब तक 7 पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिनमें से 2 पुल पूरी तरह बह गए हैं। कुमाऊं के पिथौरागढ़ जनपद के धारचूला स्थित सोबला उमचिया में एक पुल और गढ़वाल क्षेत्र के रुद्रप्रयाग जिले के जखोली ब्लॉक में खोली रणधार-बधाणीताल से खोड बक्सीर-छेनागड़ मोटर मार्ग पर एक पुल बह गया है।
अधिकारियों ने बताया कि सड़कों और पुलों की बहाली के कार्य युद्धस्तर पर चल रहे हैं। गढ़वाल क्षेत्र में 91 और कुमाऊं क्षेत्र में 13 जेसीबी मशीनों को अवरुद्ध मार्गों को खोलने के कार्य में लगाया गया है।
