उत्तराखण्डहल्द्वानी

बाल यौन-शोषण के प्रति जागरूकता को पॉस्को एक्ट की जानकारी आवश्यक

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हल्द्वानी। जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल के निर्देशन में महिला कल्याण विभाग द्वारा आयोजित नगर निगम सभागार में किशोर न्याय अधिनियम, पॉक्सो एक्ट के कार्यशाला में पुलिस, शिक्षा, स्वास्थ्य, चाइल्ड लाइन,जिला बाल संरक्षण ईकाई द्वारा प्रतिभाग किया गया। अपर जिलाधिकारी अशोक जोशी द्वारा दीप प्रज्वलित कर कार्यशाला का शुभारम्भ किया गया।

कार्यशाला को सम्बोधित करते हुये अपर जिलाधिकारी अशोक जोशी ने कहा कि किशोर न्याय अधिनियम का मुख्य उद्देश्य बाल मैत्री वातावरण एवं प्रक्रिया  के तहत बच्चों के सर्वोत्तम हित को ध्यान में रखते हुये विधि से संघर्षरत बच्चों को समुचित न्याय सुनिश्चित करना व देखभाल एवं संरक्षण के साथ ही उपचार विकास और पुनर्वास की व्यवस्था करने तथा विभिन्न तहर की हिंसा, शोषण से बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। कार्यशाला में एएसपी जगदीश चन्द्र ने कहा कि एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते सभी देशवासियों को पॉक्सो एक्ट के बारे में जानकारी होनी आवश्यक है, तभी वे अपने बच्चों को बाल यौन-शोषण के बारे में जागरूक कर सकते हैं।

साथ ही बच्चों के प्रति होने वाले यौन अपराधों के उन्मूलन के लिए भी सभी नागरिको को पॉक्सो एक्ट के बारे में जानकारी होनी आवश्यक है तभी बाल यौन-शोषण के विरुद्ध प्रभावी लड़ाई लड़ी जा सकती है। अपने सम्बोधन में सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह ने कहा है कि बच्चों के साथ ही समाज के प्रत्येक नागरिक को जिम्मेदारी निभानी होगी। इसके लिए समाज के साथ ही बच्चों को जागरूक होने की आवश्यकता है तभी हम बाल यौन-शोषण की घटनाओ पर अंकुश लगाया जा सकते हैं। कार्यशाला में सीएमएस महिला चिकित्सालय डा0 ऊषा जंगपांगी, एसीएमओ डा0 रश्मि पंत, जिला बाल संरक्षण अधिकारी वर्षा, प्रोबेशन  अधिकारी व्योमा जैन, पूजा, मेंहदिया रिजवी के साथ ही 80 लोगों ने कार्यशाला में प्रतिभाग किया।

Daleep Singh Gariya

संपादक - देवभूमि 24

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