उत्तराखण्डजन-मुद्देहल्द्वानी

क्रिटिकल वाटर रिसोर्स के जीर्णोद्वार के लिए 80 स्रोत के लिए क्षेत्रों का चिन्हिकरणः डीएम

ख़बर शेयर करें -

हल्द्वानी। स्प्रिंग एवम रिवर रिज्यूविनेशन अथॉरिटी की बैठक जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हल्द्वानी कैंप कार्यालय में हुई ।  जनपद में 80 जल स्रोतों एव 20 स्ट्रीम्स एवं गधेरों के स्प्रिंग एण्ड रिवर रिजुवेशन अथॉरिटी (एस.ए.आर.आर.ए) के प्रोजेक्ट हेतु पंचायती राज विभाग के डीपीआरओ को ग्राम स्तरीय कार्य योजना के लिए जनपद स्तरीय नोडल अधिकारी के साथ ही ब्लाक स्तर पर बीडीओ एवं एडीओ पंचायत को सहायक नोडल अधिकारी नामित किया।

एस.ए.आर.आर.ए की जनपद स्तरीय समिति की बैठक में जिलाधिकारी वंदना ने कहा कि क्रिटिकल वाटर रिसोर्स के जीर्णोद्वार के लिए 80 स्रोत हेतु क्षेत्रों का चिन्हिकरण किया गया है। जो कार्यदायी संस्था वर्तमान में उन क्षेत्रों में कार्य कर रही है उन्ही कार्यदायी संस्था को कार्य दिया जाए। उन्होंने कहा जल संवर्धन हेतु जो संस्था या एनजीओ कार्य कर रही है उन्हें भी इस प्रोजेक्ट में शामिल कर सुझाव लिये जाएं।

यह भी पढ़ें -  उत्तराखंड में भाजपा ने पांचों सीटों में दर्ज की जीत

 उन्होंने बैठक में जलसंस्थान एवं जलनिगम के अधिकारियों से कहा कि जलसंवर्धन हेतु 80 योजनाओं पर कार्य हेतु जिन क्षेत्रों का चिन्हिकरण किया गया है  जो योजना वन विभाग के अन्तर्गत आती है उसकी सूची भी वन विभाग को शीघ्र दे दी जाए तथा शासन स्तर को भी योजनाओं की सूची भी शीघ्र प्रेषित की जाए। उन्होंने कहा कार्य जिला स्तर पर सीडीओ  की निगरानी में किया जायेगा तथा ब्लॉक स्तर पर बीडीओ एवं एडीओ पंचायत  सहायक नोडल अधिकारी के तौर पर कार्य को सम्पादित करेंगे । साथ ही उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी को नियमित मानिटरिंग करने के भी निर्देश दिये।    

यह भी पढ़ें -  कैंची धाम में आर्मी ट्रांजिट कैंप बनाने के लिए भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश

इसके साथ ही जनपद स्तर पर 20 नदियां अथवा गधेरे सूख रहे है उन्हें कैसे जल संवर्धन हेतु रिचार्ज किया जाए इसके लिए वृक्षारोपण,चैकडैम, जल संग्रहण  क्षमता के साथ ही कैचमेंट का सर्वे कर प्लान  बनाया जाए। उन्होंने रामनगर हेतु 5,बेतालघाट हेतु 5 तथा भीमताल हेतु 5-5 योजनायें जलसंस्थान एवं जलनिगम टेकअप करेंगी।  इसके साथ ही हल्द्वानी एवं लालकुआं में 15-15 रिचार्ज पिट उन क्षेत्रों मे बनाये जाएं। जहां जलभराव होता है उन स्थानों का चिन्हिकरण किया जाए।

 उन्होंने कहा कि जहां जलभराव होता है रिचार्ज पिट बनाने से जलभराव  की समस्या नही होगी तथा उन क्षेत्रों मे पिट बनने से भू-जल स्तर भी बढेगा।  बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अशोक कुमार पाण्डे, डीएफओ सीएस जोशी,जिला विकास अधिकारी गोपाल गिरी, अधिशासी अभियंता पेयजल निगम मनोज कुमार, अशोक प्रजापति, जलसंस्थान आर एस लोशाली, नन्द किशोर, मुख्य कृषि अधिकारी वी के यादव के साथ ही सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित थे।    

यह भी पढ़ें -  कार्डियक कैथ-लैब और स्टेट ऑफ आर्ट सेन्ट्रल लेबोरेटरी का स्वास्थ्य मंत्री ने किया निरीक्षण
What’s your Reaction?
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
Join WhatsApp Group

Daleep Singh Gariya

संपादक - देवभूमि 24