शिक्षा निदेशक के दफ्तर में हुआ बबाल,विधायक और समर्थकों पर मारपीट का है आरोप।

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून स्थित प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय के दफ्तर में घुसकर भाजपा विधायक और उनके समर्थकों द्वारा अफसर के साथ मारपीट करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि भाजपा विधायक उमेश शर्मा काऊ अपने समर्थकों के साथ शिक्षा निदेशक अजय कुमार नौडियाल के दफ्तर पहुंचे और विवाद के बाद मारपीट और तोड़फोड़ की। मारपीट में अफसर के सिर व आंख पर गहरी चोट भी आई है।
प्राइमरी एजुकेशन के डायरेक्टर अजय कुमार नौडियाल ने बातचीत में कहा- हमले की वजहें वही (विधायक) बेहतर जानते हैं। भाजपा विधायक उमेश शर्मा काऊ पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे एक स्कूल का नाम बदलवाने के लिए ऑफिस आए थे। हमने उनसे कहा कि नाम तभी बदला जा सकता है जब राज्य सरकार इसकी स्वीकृति देगी। इस पर विधायक और उनके साथी भड़क गए।
अफसर का आरोप है कि विधायक के साथ करीब 20-25 लोग और भी थे। और वे शुरू से ही गाली-गलौज करते हुए आए और कमरा बंद कर दिया। अराजकता फैलाने के साथ ही उन्होंने मार पीट शुरू कर दी।
इस घटना के बाद कर्मचारियों में दहशत और भारी आक्रोश व्याप्त है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि किसी मुद्दे पर असहमति थी तो इसका समाधान प्रशासनिक स्तर पर निकाला जा सकता था। इस तरह सरकारी दफ्तर में घुसकर मारपीट और हमला करना अस्वीकार्य है। इस घटना के बाद से सरकारी कार्यालयों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
हालांकि इस मामले में दोनों पक्षों का अलग-अलग बयान है। एक तरफ शिक्षा निदेशक नौडियाल का कहना है कि विधायक ने खुद दरवाजा बंद कराया था। वहीं विधायक पक्ष का कहना है कि वो लोग बातचीत कर रहे थे, लेकिन तभी कर्मचारियों ने बाहर से गेट बंद कर दिया। दरवाजा किसने बंद किया, इसे लेकर स्थिति साफ नहीं है। ये पूरा मामला रायपुर स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय परिसर में लगे शिलापट्ट पर नाम बदलने से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसको लेकर पहले से ही विवाद चल रहा है।




